साधु संतों एवं सकल समाज की उपस्थिति में 48 सनातन धर्म प्रेमियों का हुआ सम्मान
साधु संतों एवं सकल समाज की उपस्थिति में 48 सनातन धर्म प्रेमियों का हुआ सम्मान
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल 27 महानुभावों को मिली रामायण और शिवपुराण* भोपाल। प्रत्येक माह आयोजित होने वाली मध्यप्रदेश की अनूठी धार्मिक आयोजन श्रृंखला *“एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम”* का *34वाँ संगीतमय सुंदरकांड पाठ* सकल समाज एवं सनातन धर्म प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति में श्रद्धा, भक्ति एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। श्री *परशुराम मंदिर, शिवाजी* नगर में आयोजित इस पावन पाठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण वातावरण रामभक्ति एवं हनुमान जी के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर भोपाल की *सिद्धपीठ करुणाधाम आश्रम* के *पीठाधीश्वर* श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज एवं पूज्य गुरुमाता की पावन उपस्थिति एवं आशीर्वाद में मातृशक्तियों को बंगाल का *पाउडर सिंदूर* तथा सुहाग सामग्री श्रद्धापूर्वक वितरित की गई, जिससे आयोजन की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा और अधिक बढ़ गई।
इस पावन अवसर पर *महामंडलेश्वर* महंत श्री अनिलानंद जी एवं राष्ट्रीय कथाकार श्री *मुकेश महाराज* की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बढ़ाया। उनके पावन सान्निध्य में *48 सनातन धर्म प्रेमियों* को उनके जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सम्मानित किया गया। इस आत्मीय सम्मान परंपरा ने आयोजन को सामाजिक, पारिवारिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक गरिमामय बना दिया।
इसी अवसर पर डा. अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि *“एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम”* श्रृंखला निरंतर भक्ति, सेवा, सम्मान एवं सनातन संस्कृति के प्रसार का कार्य कर रही है। इस पावन आयोजन के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ धार्मिक ग्रंथों का वितरण, मातृशक्तियों का सम्मान तथा *जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ* पर आत्मीय अभिनंदन की परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
*“राम का आधार = रामायण* वितरण योजना” के अंतर्गत *27* महानुभावों को *श्रीरामचरितमानस (अर्थ सहित) एवं श्री शिव महापुराण (अर्थ सहित)* श्रद्धापूर्वक वितरित की गई। इसके साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं को तुलसी माला, अभिमंत्रित रुद्राक्ष माला एवं अन्य धार्मिक सामग्री भी भेंट स्वरूप प्रदान की गई।
समापन सत्र में पंडित गिरीश शर्मा, बच्चन आचार्य एवं आशुतोष मिश्रा ने मधुर संगीत की सुरमयी प्रस्तुति के साथ *श्री हनुमान चालीसा* पाठ कराया, जिसके साथ आयोजन का भक्तिभावपूर्ण विश्राम हुआ। उनकी मधुर स्वर लहरियों से संपूर्ण वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो उठा।
यह *34वाँ सुंदरकांड पाठ* भोपाल में सनातन धर्म, सेवा, सम्मान एवं सामाजिक समरसता के प्रेरणादायी केंद्र के रूप में इस श्रृंखला की निरंतर बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धा का प्रतीक बना।
