पंचांग में गुरु गोरखनाथ जी का दिव्य चित्र प्रकाशित, नाथ समाज में गौरव की लहर मंत्री कृष्णा गौर ने दी शुभकामनाएं, बताया ऐतिहासिक पहल

संतोष योगी की खबर | 9993268143

इंदौर/जबलपुर। योग के जनक एवं शिव अवतारी भगवान गुरु गोरखनाथ जी के प्रकट उत्सव के पावन उपलक्ष में नाथ समाज के लिए गर्व का एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। लाला रामस्वरूप रामनारायण पंचांग, जबलपुर (संस्करण 2026) में भगवान गुरु गोरखनाथ जी का दिव्य चित्र प्रकाशित किया गया है, जिससे नाथ परंपरा की आध्यात्मिक विरासत को एक नई पहचान मिली है।

इस अनुकरणीय एवं सराहनीय कार्य हेतु अखिल भारतवर्षीय नाथ समाज, इंदौर के समस्त पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री लेखराज जोगी एवं श्री विजय नाथ राठौड़ को उनके समर्पण, सामाजिक-धार्मिक योगदान एवं अथक प्रयासों के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर देशभर के साधु-संतों एवं नाथ समाज के अनुयायियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। इस गौरवपूर्ण पहल पर मध्यप्रदेश शासन की राज्य मंत्री कृष्णा गौर (स्वतंत्र प्रभार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू कल्याण विभाग) ने अखिल भारतवर्षीय नाथ समाज को शुभकामना संदेश पत्र जारी कर इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने अपने संदेश में कहा कि भगवान गुरु गोरखनाथ जी का जीवन, उनका योग, साधना एवं आध्यात्मिक सिद्धांत संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। पंचांग जैसे व्यापक जनमानस तक पहुंचने वाले प्रकाशन में उनका चित्र प्रकाशित होना नाथ समाज की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला कदम है।

उन्होंने आगे कहा कि नाथ समाज द्वारा अपनी प्राचीन परंपरा, संस्कृति एवं आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं, जो समाज में एकता, जागरूकता एवं आत्मगौरव की भावना को सशक्त करेंगे।

नाथ समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे समाज के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बताया। यह पहल न केवल नाथ समाज की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगी।