घर से ले जाकर नाबालिग से मारपीट का आरोप, पुलिस के खिलाफ केस दर्ज
भिवाड़ी: राजस्थान के भिवाड़ी में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को अवैध हिरासत में रखकर 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर देने का गंभीर मामला सामने आया है। भारी जन-आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रशासन ने रविवार देर रात यूआईटी (UIT) थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इन सभी पर मारपीट और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विरोध के बाद जागी पुलिस
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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धरना प्रदर्शन: रविवार शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में चौपानकी थाने के बाहर धरना शुरू हुआ।
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नेताओं का समर्थन: रात होते-होते पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान भी प्रदर्शन में शामिल हो गए, जिसके बाद दबाव में आकर पुलिस प्रशासन को मामला दर्ज करना पड़ा।
घटना का क्रम: हिरासत से वेंटिलेटर तक
परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार:
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21 अप्रैल: भिवाड़ी फेस-3 थाने के सिपाही गोपाल और अन्य कर्मी नाबालिग को उसके घर से उठाकर ले गए। उस वक्त वह पूरी तरह स्वस्थ था।
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मदद की गुहार: चचेरे भाई के पास आए एक फोन कॉल में पीड़ित लड़का रोते हुए बता रहा था कि पुलिस उसे बुरी तरह पीट रही है।
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अस्पताल में भर्ती: अगले दिन परिजनों को सूचना मिली कि लड़के की तबीयत खराब है। जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वह बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था। हालत गंभीर होने के कारण उसे जयपुर रेफर किया गया।
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धमकाने के आरोप: परिवार का दावा है कि पुलिस ने सबूत मिटाने के लिए अस्पताल में लड़के के फोटो और वीडियो बनाने से रोका और जबरन रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी।
