जयपुर: राजस्थान के विभिन्न अंचलों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते भीषण गर्मी से जूझ रहे आमजन को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान नियंत्रण में रहेगा और लोगों को चिलचिलाती धूप व लू के प्रकोप से मुक्ति मिलने की संभावना है। राज्य के ज्यादातर जिलों में अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े से नीचे रहने की उम्मीद जताई गई है, जिससे मई की शुरुआत में ही मानसून जैसा अहसास होने लगा है।

आंधी और ओलावृष्टि से लुढ़का पारे का ग्राफ

पिछले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के मौसम में आए नाटकीय बदलाव के कारण कई प्रमुख शहरों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेष रूप से अलवर, जयपुर और सीकर जैसे क्षेत्रों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जहां कुछ स्थानों पर एक ही दिन में तापमान में 8 डिग्री तक की कमी देखी गई। सोमवार को अलवर राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान सिमटकर 31 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, वहीं राजधानी जयपुर में भी तेज अंधड़ और बौछारों के बाद मौसम काफी सुहावना बना हुआ है।

एक दर्जन जिलों में येलो अलर्ट और मेघ गर्जना का अनुमान

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आगामी दो दिनों के लिए 11 जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और जोधपुर जैसे क्षेत्रों में जहां बीते दिन ओलावृष्टि से जमीन सफेद हो गई थी, वहीं अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। जैसलमेर को छोड़कर प्रदेश के लगभग 20 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जो इस सीजन में अब तक की सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है।

तूफानी हवाओं का असर और स्थानीय जनजीवन

तेज आंधी और अचानक हुई बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं कुछ स्थानों पर इसके कारण स्थानीय जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। राजधानी के कई इलाकों में अंधड़ के चलते पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि जोधपुर के लूणी और कोटा के ग्रामीण अंचलों में हुई ओलावृष्टि ने खेतों और सड़कों का नजारा बदल दिया है। हालांकि, लंबे समय से पड़ रही भीषण लू से परेशान नागरिकों के लिए यह मौसमी बदलाव किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि देर रात तक चल रही ठंडी हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी है।