भारतीय मजदूर संघ 25 फरवरी को देशव्यापी “विरोध दिवस” मनाएगा।
भारतीय मजदूर संघ 25 फरवरी को देशव्यापी “विरोध दिवस” मनाएगा।
संतोष योगी की खबर 99932 68143
पुरी, ओडिशा में आयोजित 21वें अखिल भारतीय अधिवेशन के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ (BMS) 25 फरवरी 2026 को पूरे देश में विरोध,प्रदर्शन,रैली आदि कर “विरोध दिवस” मनाएगा। जानकारी देते हुए श्री कुलदीप सिंह गुर्जर प्रदेश महामंत्री भारतीय मजदूर संघ एवं क्षेत्री संगठन मंत्री मध्य क्षेत्र श्री सी वी राजेश ने 25 फरवरी को होने वाले विरोध प्रदर्शन रैली के बारे में ठेंगड़ी भवन भोपाल में जिले के संगठनों के प्रतिनिधियों की गोष्ठी कर भारतीय मजदूर संघ की रीति नीति एवं अनुशासन अनुसार विरोध दिवस को सफल बनाने के लिए उचित निर्देश देते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में आने का आवाहन किया।
जिला मंत्री रघुराज सिंह दांगी ने जानकारी दी की
कल 25 फरवरी को दोपहर 1:00 बजे कोहफिजा थाना ब्रिज के नीचे से कलेक्टर कार्यालय तक भारतीय मजदूर संघ के सभी कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर अपना ज्ञापन देंगे।
श्री गुर्जर ने बताया कि 25 को ही बीएमएस की सभी इकाइयाँ जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करेंगी, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकारों पर विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों के श्रमिकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बनाया जा सके।
बीएमएस ने समय-समय पर सरकार के समक्ष अनेक ज्वलंत मुद्दे उठाए हैं, किन्तु अब तक अपेक्षित ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
लाखों मिड-डे मील एवं आशा कार्यकर्ता आज भी अत्यंत अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं। पाँच दशकों की सेवा के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल ‘योजना कर्मी’ माना जाता है, जबकि उनसे प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक कार्य लिया जा रहा है और निरंतर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा मानदेय वृद्धि के प्रति उदासीनता दिखाई जा रही है।
आठ राज्यों में राष्ट्रीय वस्त्र निगम (NTC) की मिलों के श्रमिकों को महामारी के बाद से केवल 50% वेतन मिल रहा है तथा पिछले दस महीनों से वेतन बकाया है। रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) के कर्मचारियों को पिछले 32 महीनों से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है।
देशभर के विद्युत कर्मचारी डिस्कॉम को सरकारी क्षेत्र में बनाए रखने और निजीकरण का विरोध करने के लिए संघर्षरत हैं। ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 आज भी अपरिवर्तित है, जिससे लाखों पेंशनभोगियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक कर्मचारी पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की माँग को लेकर आंदोलनरत हैं।
विद्युत क्षेत्र से अखिल भारतीय सदस्य रमेश नागर ने बताया कि विद्युत के क्षेत्र में किए जा रहे निजीकरण पर रोक एवं विद्युत क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर सभी राज्यों में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 133 के अनुसार त्रिपक्षीय समझौतो को लागू किया जाए। नागर ने कहा कि
बीएमएस द्वारा दिए गए श्रम संहिता में सुझावों को केंद्र सरकार ने अभितक लागू नहीं किया इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बीएमएस की इकाइयाँ देशभर में धरना, प्रदर्शन, रैली, गेट मीटिंग, काली पट्टी धारण कर तथा माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री एवं संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
प्रमुख माँगें इस प्रकार
• श्रम कानूनों का सभी क्षेत्रों एवं श्रमिक वर्गों में बिना किसी अपवाद के सख्ती एवं सार्वभौमिक रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
• औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियाँ संहिता, 2020 में श्रमिकों की चिंताओं का समाधान किया जाए।
• भारतीय श्रम सम्मेलन को तत्काल बुलाया जाए तथा त्रिपक्षीय समितियों का पुनर्गठन कर उन्हें नियमित एवं प्रभावी रूप से संचालित किया जाए।
• ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रतिमाह की जाए, साथ ही महंगाई राहत प्रदान की जाए एवं आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए।
• ईएसआई एवं ईपीएफ की कवरेज सीमा बढ़ाकर अधिक श्रमिकों को लाभान्वित किया जाए। ईएसआईसी की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 तथा ईपीएफ की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 की जाए।
• भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के अंतर्गत बोनस पात्रता की सीमा वर्तमान वेतन स्तर के अनुरूप बढ़ाई जाए।
• विद्युत क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर सभी राज्यों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 133 के अनुसार त्रिपक्षीय समझौतों को लागू किया जाए।
• संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 एवं 21 के अनुरूप योजना कर्मियों एवं संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए।
• सामान्य भर्ती पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाकर रोजगार की गारंटी एवं सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भारतीय मजदूर संघ केंद्र एवं राज्य सरकारों से आग्रह करता है कि श्रमिक हित एवं राष्ट्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इन लंबित माँगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
रमेश नागर
मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ।
