गंगेश्वर सुख सागर सेवा समिति द्वारा दो कमरों का लोकार्पण
गंगेश्वर सुख सागर सेवा समिति द्वारा दो कमरों का लोकार्पण
संतोष योगी की खबर 999 32 68 143
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एम हॉस्पिटल गंगेश्वर मंदिर गंगेश्वर सेवा समिति द्वारा संस्था द्वारा निशुल्क सेवा के लिए दो कमरों का अर्जुन उद्धार किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर द्वारा रिबन काटकर कमरों का उद्घाटन किया गया अपने उद्बोधन में कृष्णा गौर ने कहा कि यह मंदिर 1990 में बनाया गया था उसे समय हमारे बाबूजी स्वर्गीय बाबूलाल गौर और समिति द्वारा यह मंदिर का निर्माण किया गया था यहां पर एम्स हॉस्पिटल पर आने वाले न सहाय लोगों के लिए निशुल्क रहने की व्यवस्था रेन बसेरा के रूप में किया गया है यह बेहद ही सराहनीय कार्य समिति द्वारा किया गया है सरकार द्वारा इसे और विशाल रूप देने के लिए हम भी वचनबद्ध हैं आज इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष बीबी फौजदार ने बताया कि विगत सालों से यहां पर पांच कमरे थे आज चैरिटी द्वारा दो कमरे और बनवाए गए हैं साथ ही 50 बेड यहां पर रुकने के लिए रखे गए हैं जिसमें नाम मात्र का शुल्क लिया जाता है लगभग फ्री की तरह। सचिव सोहन गुप्ता ने समस्त आए हुए अतिथियों का फूल माला से स्वागत किया। समिति द्वारा समय-समय पर यहां पर आए हुए मरीजों को सलाह के साथ-साथ उनकी देखभाल और उपचार के लिए भी सदैव खड़े रहते हैं इस संस्था में साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है आगे की योजना के बारे में बताया कि आने वाले समय में लगभग पांच कमरे और बनाने की योजना है जिससे यहां पर आने वाले समस्त मरीजों को अच्छे से रहने की व्यवस्था और सुचारू रूप से हो सके हमारा लक्ष्य है कि यहां पर जो बाहर से जितने भी मरीज और उनके रिश्तेदार जो यहां पर रहने और खाने में सक्षम नहीं होते हैं सरस उनकी पूरी मदद करती है साथ ही दवाइयां और अन्य सुविधा भी संस्था द्वारा करी जाती है कोषाध्यक्ष स्क जोशी ने बताया कि हमारी संस्था में रहने के साथ-साथ पास ही गुरुद्वारे में लंगर की व्यवस्था आए हुए मरीजों के घर वालों के लिए की गई है यहां पर दोनों टाइम फ्री खाना दिया जाता है आने वाले समय पर इस रैन बसेरे में भी ऐसी ही व्यवस्था करने की योजना है जल्द ही हम और नई व्यवस्थाओं के साथ-साथ इसे सुचारु रूप से संचालित करेंगे। समिति के अध्यक्ष एम के भारद्वाज में संस्था के बारे में बताया कि इस संस्था में अध्यक्ष होने के नाते मेरे परिवार के कई सदस्य मैंने कोई थे उन्हीं की याद में पहले दो कमरे और अब दो कमरा जिसमें पंखे कूलर टाइल्स वगैरा लगवा कर तैयार करवाए हैं परिवार की याद तो सभी को आती है यहां पर आने वाले मरीज के परिजन जब यहां रुकते हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि मेरा परिवार आज भी यहां पर है आगे भी हम और इस प्रकार का प्लान करेंगे जिससे आज 50 लोग यहां देर पाते हैं लगभग 500 लोग की ठहरने की व्यवस्था समिति द्वारा आगामी समय में करने का निर्णय भी लिया गया है अंत में आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद प्रेषित कि
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