पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर बवाल, एससी आयोग ने भेजा नोटिस
चंडीगढ़: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से जुड़ी एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया है। इस मामले में पंजाब राज्य अनुसूचित जाति (SC) आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मुक्तसर के एसएसपी को समन जारी कर 29 मई 2026 की सुबह 9:00 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
सामाजिक सुरक्षा मंत्री की पहल पर आयोग ने शुरू की जांच
यह पूरी कार्रवाई राज्य की सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर द्वारा भेजे गए एक संदेश के आधार पर की गई है। अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग एक्ट-2004 की धारा 10 के तहत इस मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। आयोग ने जिला पुलिस को आदेश दिया है कि वह वायरल ऑडियो के सैंपल लेकर उसकी फोरेंसिक जांच (आवाज का मिलान) कराए और इसकी पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग के सामने पेश करे। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तो आयोग सिविल कोर्ट जैसी शक्तियों का इस्तेमाल कर कड़ा एक्शन ले सकता है।
राजा वड़िंग का पलटवार: 'राजनीतिक बदले की भावना से हो रही कार्रवाई'
दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। वड़िंग ने दावा किया कि यह करीब सात साल पुराना एक जाली ऑडियो है, जिसे अब एससी कमीशन के जरिए जानबूझकर उन्हें बदनाम करने के लिए उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक बच्चा भी सुनकर बता सकता है कि यह आवाज उनकी नहीं है। कांग्रेस नेता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए फर्जी कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
सोशल मीडिया पर बवाल, पुलिस की जांच जारी
कथित क्लिप के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पंजाब की सियासत में उबाल आ गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी मुस्तैदी से ऑडियो की सत्यता और तकनीकी पहलुओं को जांचने में जुट गया है। अब सभी की नजरें फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की छानबीन पर टिकी हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह फोरेंसिक रिपोर्ट और सभी जरूरी तथ्यों का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही 29 मई को होने वाली अगली सुनवाई में आगे का फैसला लिया जाएगा।
