राजधानी भोपाल में सैनिकों के लिए बने 'रक्षा विहार' की बदहाली

बी डी ए ऑफिस पहुंच कर दिया ज्ञापन 

भोपाल 35 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश प्रशासन के आदेश पर बीडीए ‌द्वारा सैनिकी और भूतपूर्व सैनिकों के लिए बनाए गए 'रक्षा विहार' में आज तक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर सड़कें टूटी हुई हैं, जिनका डामरीकरण भी नहीं किया गया है। सीवेज लाइन भी जीर्ण हालत में हैं और जगह जगह सीवेज का गंदा पानी भूखंडों पर भरा हुआ है, और भूजल को दूषित कर रहा है। कई घरी में पानी की लाइन ही नहीं है, और जहां लाइन है वहां भी लोकल बोरवेल का पानी ही दो दिन में एक बार प्रदाय किया जा रहा है, नर्मदा जल या तालाब का पानी लाने की कोई योजना भी नहीं है। बिजली प्रदाय अनियमित है व रोज ही वोल्टेज फ्लकचुएशंस होते रहते हैं जिसके कारण रहवासियों के बिजली उपकरण खराब होते रहते हैं। वर्षा जल के निकाय हेतु नालियां तो आज तक बनाई ही नहीं गई हैं।

 

'रक्षा विहार' की स्थिति आसपास के ग्रामों से भी बदतर है। 'रक्षा विहार' को नगर निगम को सौंपने के लिए आज तक कोई प्रयास ही नहीं किया गया है, हालांकि आसपास के कुछ क्षेत्र नगर निगम के अंतर्गत आ चुके हैं।

 

ताजुब्ब ये है कि इस कॉलोनी का विकास, मध्य प्रदेश शासन के आदेश पर बीडीए ने 35 साल पहले शूरु किया था जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है और सभी आवंटी भूखंडों के लिए पूरा-पूरा भुगतान कर चुके हैं। उसके ऊपर, जिन भूखंडों पर मकान नहीं बने हैं उनके स्वामियों से बीडीए पेनल्टी भी लेता रहता है।

 

केवल इसलिए कि ये सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिक हमेशा अपनी तकलीफों को अनुशासित एवं सभ्य तरीके से बीडीए एवं प्रशासन को बताते आए हैं, किसी ने इनकी सुध लेने की चिंता नहीं की है।

 

अब शायद इन्हें भी अपनी तकलीफों का हल पाने के लिए 'रक्षा विहार' की दुखद स्थिति को प्रदेश के मुख्य मंत्री जी व देश के प्रधान जी के संज्ञान में लाना होगा।