महिला सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा,, डॉ मनोज यादव प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पार्टी
महिला सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा,, डॉ मनोज यादव प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पार्टी
मंत्री विजय शाह के आपत्तिजनक बयान पर इस्तीफे की माँग और प्रदेश सरकार की चुप्पी पर तीखी प्रतिक्रिया
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल भाजपा के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मंच से की गई अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी न केवल महिलाओं के सम्मान पर हमला है, बल्कि यह हमारी लोकतांत्रिक और सामाजिक मर्यादाओं का भी घोर अपमान है। इस घृणित बयान के दौरान मंच पर मौजूद मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री उषा ठाकुर की मुस्कुराहट और मौन सहमति, साथ ही अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं की तालियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि यह अकेले विजय शाह की नहीं, बल्कि पूरी भाजपा की विकृत मानसिकता है। समाजवादी पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करती है और स्पष्ट करती है कि मंच पर मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता इस शर्मनाक कृत्य में समान रूप से दोषी हैं।
सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शाम 6:00 बजे तक मंत्री विजय शाह पर प्राथमिकी दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद सरकार ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना की और देर रात 11:00 बजे जाकर प्राथमिकी दर्ज की। यह दर्शाता है कि सरकार अपने मंत्री को बचाने और पूरे मामले में लीपापोती करने का हरसंभव प्रयास कर रही है। यह न केवल न्याय व्यवस्था का अपमान है, बल्कि यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार में कानून और नैतिकता से ऊपर मंत्री और उनकी कुर्सियाँ हैं। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि मंत्री विजय शाह को अविलंब बर्खास्त किया जाए और मंच पर मौजूद सभी नेताओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि लोकतंत्र में जवाबदेही और महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
समाजवादी पार्टी, मध्य प्रदेश भाजपा सरकार में मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक और निंदनीय बयान की घोर निंदा करती है। यह न सिर्फ एक सक्षम महिला अधिकारी के मान-सम्मान पर आघात है, बल्कि भारतीय सैन्य प्रणाली और समूचे महिला वर्ग के लिए अपमानजनक है।
प्रदेश सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता इस पूरे प्रकरण में और भी अधिक शर्मनाक है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब मंत्री का बयान सार्वजनिक हुआ, तब राज्य सरकार ने अपने स्वविवेक से कोई कार्रवाई नहीं की। केवल हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई — यह दर्शाता है कि सरकार की नैतिक चेतना कितनी कमजोर हो चुकी है।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व ने ना तो इस अशोभनीय टिप्पणी की आलोचना की, ना ही अपने मंत्री की कोई सार्वजनिक भर्त्सना की। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार महिला सम्मान, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सेवा की गरिमा के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है।
समाजवादी पार्टी की माँग:
1. मंत्री विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
2. उनके खिलाफ विधान सम्मत कठोर कार्रवाई की जाए।
3. सरकार स्पष्ट करे कि हाईकोर्ट से पहले खुद कोई पहल क्यों नहीं की गई?
4. महिलाओं के सम्मान और सरकारी सेवाओं की गरिमा की रक्षा के लिए सरकार सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।
यह मामला केवल एक महिला अधिकारी का नहीं है, यह प्रदेश की हर महिला के आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है। समाजवादी पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि अगर इस पर शीघ्र और कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
महिला सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
