स्क्रीन मुक्त परिवेश हेतु लिया गया संकल्प
स्क्रीन मुक्त परिवेश हेतु लिया गया संकल्प
संतोष योगी की खबर
भोपाल।
प्रज्ञा सोशल ऑर्गेनाइजेशन एवं केयर फेस्ट एसोसिएशन—इन दो अशासकीय संस्थाओं द्वारा देश एवं प्रदेश में पहली बार स्क्रीन टाइम मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से 7 दिसंबर को रंग श्री लिटिल बैले ट्रूप ऑडिटोरियम, श्यामला हिल्स, भोपाल में ‘धरोहर’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योगपति, एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मोटिवेशनल गुरु श्री राजीव अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने बच्चों एवं युवाओं में बढ़ती स्क्रीन लर्निंग पर नियंत्रण के लिए व्यावहारिक उपाय बताए तथा संतुलित तकनीकी उपयोग को समय की आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर प्रज्ञा सोशल ऑर्गेनाइजेशन के सचिव मोहित खरे एवं केयर फेस्ट एसोसिएशन की सचिव सुश्री सुरभि श्रीवास्तव ने अपनी-अपनी संस्थाओं के सामाजिक कार्यों तथा आयोजन की उद्देश्यपरक भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, माननीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) ने अपने संबोधन में स्क्रीन उपकरणों को एक प्रकार का नशा बताते हुए इसके दुष्प्रभावों से आगाह किया। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की कि वे स्वयं अनुशासन का पालन करें और बच्चों को स्क्रीन उपकरणों के सीमित उपयोग के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में डॉ. हितेश बाजपेयी, श्री राहुल देशमुख, डॉ. अनुपा वालिया (लोकवाणी–सेज अपोलो) एवं श्रीमती मधु श्रीवास्तव ने समाज में बढ़ते स्क्रीन टाइम, विशेषकर मोबाइल उपयोग से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नियंत्रित करने के उपाय साझा किए।
इस अवसर पर स्वामी रामदास प्रभु ने पौराणिक मान्यताओं एवं सांस्कृतिक धरोहरों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही एकजुट संस्था, नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड एवं विविधा संस्था के कलाकारों द्वारा नृत्य एवं गायन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मायथोलॉजी विषय पर आयोजित पेंटिंग, नो स्क्रीन टाइम प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस एवं रैम्प वॉक प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, नगद राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
